Akash Kumar
Fri, 22 Nov 2024 03:37:00 GMT
राजा धनानंद की बेटी से चंद्रगुप्त मौर्य को प्यार हो जाता है जब आचार्य चाणक्य को यह पता चलता है तो वह चंद्रगुप्त से कहते है तुम्हें उससे दूर रहना है. चंद्रगुप्त उदास होकर चाणक्य से कहते है आचार्य, अगर भारत का सम्राट बनने के लिए इतना त्याग ना देना पड़ता तो? आचार्य चाणक्य कहते है अगर इतना त्याग नहीं देना पड़ता तो आज हर व्यक्ति भारत का सम्राट बन कर बैठा होता.
राजा धनाानंद की पुत्री दूधधारा थी दुर्धरा/दूधधारा

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