जकात - शरीयत में जकात के बारे में कहा गया है कि ये अल्लाह ताआला (Prophet Muhammad) द्वारा दिया गया वह माल (संपत्ति) है, जिससे उसके बंदे जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें. शरीयत के मुताबिक इस्लाम धर्म को मानने वाले हर मुसलमान को अपनी संपत्ति का 2.5 प्रतिशत हिस्सा दान करना चाहिए. इसी दान को जकात (Zakat)कहते हैं। फि्रोज शाह तुगलक ने शुरू किया था

जाजिया - गैर मूुस्लिम को देने वाला धार्मिक कर था । सर्व प्रथम मुंंहमद बिन कासिम में शुरू किया

खराज - भूमि कर था जो उपज का 1/10 भाग देना होता था

उसर - भूमि कर  गैर मूुस्लिम को

खासम - लुूटी हुई धन पर देना हॉोता था, कब्जा किए हुए धन का 1/5 भाग