डिजिटल जनगणना 2027: भारत की पहली पूरी तरह पेपरलेस जनगणना
भारत सरकार ने डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बड़ी घोषणा की है। यह देश की पहली पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को खुद अपनी जानकारी भरने की सुविधा भी दी जाएगी।
यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूत करेगा और डेटा संग्रह प्रक्रिया को तेज, सटीक और पारदर्शी बनाएगा।
सरकारी जानकारी के अनुसार:
- 🟢 शुरुआत: 1 अप्रैल 2027
- 🔵 समाप्ति: 31 अगस्त 2027
- ⚙️ प्रक्रिया: दो चरणों में पूरी होगी
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल ऐप और ऑनलाइन सिस्टम से की जाएगी।
डिजिटल जनगणना की सबसे बड़ी खासियत:
- नागरिक वेब पोर्टल पर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे
- यह सुविधा 16 भाषाओं में उपलब्ध होगी
- इससे समय की बचत और डेटा की सटीकता बढ़ेगी
👉 यानी अब जनगणना अधिकारी के आने का इंतजार जरूरी नहीं होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि: जाति आधारित गणना (Caste Census) भी शामिल होगी यह प्रक्रिया दूसरे चरण में पूरी की जाएगी
🟢 चरण 1: घर की जानकारी
- सभी घर गिने जाएंगे 🏠, घर की सुविधा देखी जाएगी: बिजली, पानी, शौचालय आदि बस घर और परिवार की basic जानकारी
👉 आसान भाषा: “घर का सर्वे”
🔵 चरण 2: लोगों की जानकारी
- हर व्यक्ति की पूरी डिटेल: नाम, उम्र, शिक्षा, का जाति (Caste Census) भी होगा
👉 आसान भाषा: “लोगों का पूरा डेटा”
वर्तमान में भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण हैं, जो इस डिजिटल बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।
Digital Census 2027 1774929518324