हाल ही में भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Battery Energy Storage System - BESS) शुरू करके ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग और बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का मुख्य उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को संग्रहित करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके। इससे बिजली की उपलब्धता में सुधार होता है और ऊर्जा आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनती है।
भारत की यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और ऊर्जा सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े ऊर्जा भंडारण संयंत्र भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।