अकीरा मियावाकी (Akira Miyawaki) (1928-2021) एक प्रसिद्ध जापानी वनस्पति शास्त्री और पारिस्थितिकी विज्ञानी थे। उन्हें 'मियावाकी पद्धति' (Miyawaki Method) विकसित करने के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, जो कम समय में घने और देशी जंगल उगाने की एक क्रांतिकारी तकनीक है।
मुख्य जानकारी
- जन्म: 29 जनवरी, 1928 (ओकायामा, जापान)
- मृत्यु: 16 जुलाई, 2021 (93 वर्ष की आयु में)
- क्षेत्र: पादप पारिस्थितिकी (Plant Ecology) और वनीकरण
- प्रमुख सम्मान: ब्लू प्लैनेट प्राइज (2006)
मियावाकी पद्धति क्या है?
1970 के दशक में विकसित यह तकनीक जापान के प्राचीन पवित्र उपवनों (Chinju-no-mori) से प्रेरित है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- तेजी से विकास: इस विधि से उगे जंगल सामान्य जंगलों की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं।सघनता: ये जंगल 30 गुना अधिक घने होते हैं और जैव विविधता से भरपूर होते हैं।
- स्वदेशी प्रजातियां: इसमें केवल स्थानीय (Native) पौधों का उपयोग किया जाता है, जिससे वे उस जलवायु में आसानी से जीवित रह पाते हैं।
- रखरखाव: शुरुआती 2-3 वर्षों के बाद, इन जंगलों को किसी मानवीय देखभाल की आवश्यकता नहीं होती।
वैश्विक प्रभाव और विरासत
- मियावाकी ने दुनिया भर में (जापान, भारत, मलेशिया, ब्राजील आदि) 1,700 से अधिक परियोजनाओं की निगरानी की।
- उनके मार्गदर्शन में दुनिया भर में 4 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं।
उनकी यह पद्धति आज जलवायु परिवर्तन से लड़ने और शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने (Urban Forestry) का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।