रंजना प्रकाश देसाई भारत की एक वरिष्ठ और सम्मानित न्यायाधीश हैं, जिन्होंने लंबी कानूनी सेवा के बाद कई उच्च‑स्तरीय सरकारी पदों पर काम किया है.
जन्म: 30 अक्टूबर 1949, मुंबई
शिक्षा:
- Bachelor of Arts — एल्फिंस्टन कॉलेज, मुंबई
- Bachelor of Laws (LL.B.) — गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, बॉम्बे
उन्होंने 30 जुलाई 1973 को वकालत शुरू की और प्रारंभ में आपराधिक और दीवानी मामलों में अभ्यास किया।
न्यायिक करियर
बॉम्बे हाई कोर्ट
- 15 अप्रैल 1996 को अतिरिक्त जज नियुक्त
- 12 अप्रैल 1998 को स्थायी जज के रूप में नियुक्त
- यहाँ उन्होंने प्रशासनिक, आपराधिक और संवैधानिक मामलों में काम किया।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया
- 13 सितंबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनीं
- अक्टूबर 2014 तक सेवा दी
- भारत की पाँचवीं महिला सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में नियुक्त हुईं।
प्रमुख निर्णय
- 26/11 मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब के मामले में मौत की सजा की पुष्टि।
- मतदाता को सभी उम्मीदवारों को अस्वीकृत करने का अधिकार देने वाले NOTA फैसले में शामिल रहीं।
सेवानिवृत्ति के बाद प्रमुख भूमिकाएँ
- Appellate Tribunal for Electricity: अध्यक्ष (2014)
- Advance Ruling Authority (Income Tax): आयकर मामलों में निर्णय (2018‑2019)
- Delimitation Commission (Jammu & Kashmir): अध्यक्ष
- Uniform Civil Code Committees (Uttarakhand & Gujarat): अध्यक्ष
- Press Council of India (PCI): पहली महिला अध्यक्ष (2022)
- Lokpal Search Committee: अध्यक्ष
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) -भारत सरकार ने रंजना प्रकाश देसाई को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन का पुनरीक्षण करेगा।
विशिष्टता और योगदान
- न्यायिक सेवा में फैसलों के साथ-साथ सामाजिक और प्रशासनिक सुधारों में सक्रिय भूमिका।
- उच्च स्तरीय आयोगों की अध्यक्षता करते हुए संवैधानिक, आर्थिक और चुनावी प्रक्रियाएँ संभाली।
- सरकार द्वारा उन्हें एक विश्वसनीय और संतुलित प्रशासक माना जाता है।
अधिक जानकारी के लिए: https://en.wikipedia.org/wiki/Ranjana_Desai