विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया है।
- लगभग 118 विपक्षी सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।
- आरोप है कि स्पीकर ने संसद की कार्यवाही में पक्षपाती व्यवहार किया।
- मुख्य आरोप:
- विपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं दिया।
- कुछ विपक्षी सांसदों को निलंबित किया।
- बहुमत पक्ष के पक्ष में निर्णय लिया।
यह प्रस्ताव बजट सत्र के दूसरे चरण में चर्चा के लिए रखा जाएगा।
⚠️ स्पीकर को हटाना भारतीय संसदीय इतिहास में बहुत दुर्लभ है।
स्पीकर को हटाने का संवैधानिक प्रावधान (Indian Polity)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94 (Article 94) के अनुसार:
- लोकसभा स्पीकर को हटाने का अधिकार:
- किसी भी समय लोकसभा में अधिनियम द्वारा प्रस्ताव पारित करके स्पीकर को हटाया जा सकता है।
- यह प्रस्ताव संसद में सदस्य बहुमत द्वारा पारित होना चाहिए।
- पद्धति:
- प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।
- अन्य सदस्य द्वारा बहस संचालित होती है।
- वोटिंग के बाद ही स्पीकर पद से हटाए जा सकते हैं।
- नियमितता और दुर्लभता:
- इतिहास में स्पीकर को हटाना बहुत असामान्य रहा है।
- यह केवल तब होता है जब विपक्षी दलों को लगता है कि स्पीकर संसदीय नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
बजट सत्र राजनीतिक तनाव और संवैधानिक प्रक्रियाओं के कारण “तूफानी” नजर आ रहा है।