धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय ।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय ॥
हे मन ! धीरे-धीरे सब कुछ हो जाएगा। माली सैंकड़ों घड़े पानी पेड़ में देता है परंतु फल तो ऋतु के आने पर ही लगता है। अर्थात धैर्य रखने से और सही समय आने पर ही काम पूरे होते हैं।
Explore the profound wisdom of Kabir's verse 'Dhere Dhere Re Mana Dhere'. Understand its meaning, delve into its philosophical significance, and discover its relevance to modern life. Learn about patience, perseverance, and the spiritual journey.
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ananyamukherjee96298
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय ।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय ॥
हे मन ! धीरे-धीरे सब कुछ हो जाएगा। माली सैंकड़ों घड़े पानी पेड़ में देता है परंतु फल तो ऋतु के आने पर ही लगता है। अर्थात धैर्य रखने से और सही समय आने पर ही काम पूरे होते हैं।