पश्चिमी घाट, जिसे सह्याद्रि पर्वतमाला के नाम से भी जाना जाता है, भारत के पश्चिमी भाग में स्थित एक प्रमुख पर्वत श्रृंखला है। यह भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी तट के समानांतर उत्तर से दक्षिण दिशा में फैली हुई है। पश्चिमी घाट भारत की जलवायु, जैव-विविधता, वन संपदा और जल संसाधनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पश्चिमी घाट लगभग 1,600 किलोमीटर लंबाई में फैला हुआ है। यह पर्वत श्रृंखला गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु राज्यों से होकर गुजरती है। यह क्षेत्र अरब सागर के समानांतर स्थित है और दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को प्रभावित करता है।
पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी अनामुडी है, जो केरल में स्थित है। इसकी ऊँचाई लगभग 2,695 मीटर है। पश्चिमी घाट विश्व के प्रमुख जैव-विविधता हॉटस्पॉट में शामिल है। यहाँ बड़ी संख्या में पौधों और जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें कई प्रजातियाँ स्थानिक (Endemic) हैं, अर्थात वे प्राकृतिक रूप से केवल इसी क्षेत्र में पाई जाती हैं। इसे दक्षिण भारत की कई प्रमुख नदियों के उद्गम और जलग्रहण क्षेत्र के रूप में महत्वपूर्ण है। गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और तुंगभद्रा जैसी नदियाँ इस क्षेत्र से संबंधित प्रमुख नदी प्रणालियों में शामिल हैं। इसे 2012 में यूनेस्को विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया। असाधारण जैव-विविधता और पारिस्थितिक महत्व के कारण यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली।