2025-05-27 16:17:50.771481Z

तुम शींग मारती गाय सी,
मैं कोने मेे दुबका बेल प्रिये।
मैं सीधा सा पीपल का पेड़ हुं,
तुम उस पर लटकी चुड़ैल प्रिय।।

व्याख्या:
तुम सींग मारती गाय सी - सींग मारती गाय" एक ऐसा रूपक है, जो यह बताता है कि वह बार-बार कष्ट देती है, तंग करती है।
मैं कोने में दुबका बैल प्रिये। - यहाँ प्रेमी स्वयं को एक सहनशील, डरकर छुपा हुआ बैल बता रहा है — जो मार खाकर भी कुछ नहीं कहता। वह प्रेमिका के व्यवहार से आहत है, लेकिन विरोध नहीं करता।
मैं सीधा सा पीपल का पेड़ हूँ - प्रेमी अपने स्वभाव को सरल, स्थिर और बिना छल-कपट के बता रहा है, जैसे पीपल का पेड़ — जो सबको छाया देता है, फिर भी अकेला खड़ा रहता है।
तुम उस पर लटकी चुड़ैल प्रिये।। - यह सबसे तीव्र रूपक है। वह प्रेमिका की तुलना उस चुड़ैल से कर रहा है, जो पीपल के पेड़ पर लटकी होती है — मतलब वह उसके जीवन में डर, पीड़ा और अशांति का कारण बनी है।

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