Congratulations 👏🎉🎉 Swapnil Kusale, is an Indian sport shooter who competes in 50 metre rifle three positions. He won the bronze medal at the 2024 Summer Olympics in the men's 50 metre rifle three positions event.
Modi 3.0 Rejected CM Shri. Nitish Kumar's Bihar' Special Status Demand.
Finance Minister Nirmala Sitharaman announced a significant infrastructure boost for ally JD(U) Nitish Kumar-ruled Bihar. The budget allocates ₹26,000 crore for crucial projects in Bihar, including infrastructure enhancements like roads, a bridge on River Ganga, and a new medical college. Watch for more details
मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया में जितना बदलाव हमारी पीढ़ी ने देखा है वह ना तो हमसे पहले किसी पीढ़ी ने देखा है और ना ही हमारे बाद किसी पीढ़ी के देखने की संभावना लगती है
हम वह आखिरी पीढ़ी हैं जिसने बैलगाड़ी से लेकर सुपर सोनिक जेट देखें हैं.बैरंग ख़त से लेकर लाइव चैटिंग तक देखा है और असंभव लगने वाली बहुत सी बातों को संभव होता देखा है.
● हम वो आखिरी पीढ़ी हैं
जिन्होंने कई-कई बार मिटटी के घरों में बैठ कर परियों और राजाओं की कहानियां सुनीं, जमीन पर बैठ कर खाना खाया है, प्लेट में चाय पी है।
● हम वो आखिरी लोग हैं…
जो मोहल्ले के बुज़ुर्गों को दूर से देख कर, नुक्कड़ से भाग कर, घर आ जाया करते थे. और समाज के बड़े बूढों की इज़्ज़त डरने की हद तक करते थे
● हम वो आखिरी पीढ़ी के लोग हैं
जिन्होंने चिमनी , लालटेन, कम या बल्ब की पीली रोशनी में होम वर्क किया है और चादर के अंदर छिपा कर नावेल पढ़े हैं।
● हम उसी पीढ़ी के लोग हैं…
जिन्होंने अपनों के लिए अपने जज़्बात, खतों में आदान प्रदान किये हैं और उन ख़तो के पहुंचने और जवाब के वापस आने में महीनों तक इंतजार किया है।
● हम उस आखिरी पीढ़ी के लोग हैं
जिन्होंने कूलर, एसी या हीटर के बिना ही बचपन गुज़ारा है। और बिजली के बिना भी गुज़ारा किया है।
जो अक्सर अपने छोटे बालों में, सरसों का ज्यादा तेल लगा कर, स्कूल और शादियों में जाया करते थे।
जिन्होंने स्याही वाली दावात या पेन से कॉपी, किताबें, कपडे और हाथ काले, नीले किये है। तख़्ती पर सेठे की क़लम से लिखा है और तख़्ती घोटी है।
जिन्होंने टीचर्स से मार खाई है. और घर में शिकायत करने पर फिर मार खाई है
जिन्होंने गोदरेज सोप की गोल डिबिया से साबुन लगाकर शेव बनाई है जिन्होंने गुड़ की चाय पी है। काफी समय तक सुबह काला या लाल दंत मंजन या सफेद टूथ पाउडर इस्तेमाल किया है और कभी कभी तो नमक से या लकड़ी के कोयले से दांत साफ किए हैं।
जिन्होंने चांदनी रातों में, रेडियो पर BBC की ख़बरें, विविध भारती, आल इंडिया रेडियो, बिनाका गीत माला और हवा महल जैसे ❣️🙏
"RRR," released in 2022, is a Telugu epic action drama directed by S.S. Rajamouli, focusing on the friendship of two legendary revolutionaries, Alluri Sitarama Raju and Komaram Bheem, against British colonial rule.
"K.G.F: Chapter 2," released in 2022, continues the story of Rocky, who rises to power in the Kolar Gold Fields while battling enemies and seeking to establish his reign. Both films are known for their grand visuals, intense action, and powerful storytelling.
06 सितंबर, 2018 को, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसले में सर्वसम्मति से धारा 377 के उस हिस्से को रद्द कर दिया, जो समलैंगिक यौन संबंधों को अपराध मानता था और कहा कि यह समानता और गरिमा के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करता है।
इससे जुड़ी जानकारी के लिए हम मर्डर इन महिम वेब सीरीज सलाह दे सकते है।
Shivani Raghuvanshi का रोल और उनकी कार्य सभी लड़कों के लिए चिंता का विषय बनाएगी की अभी से ही उनको अच्छी जनसाथी मिलना संभव नही हो रहा है बाद में ऐसे ही प्रिय अति सुंदर कन्या पुरुषो की स्तिथि से हटकर स्त्रियों की ओर आकर्षित होने लगे तो भविष्य में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। बाकी हम माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के फैसले का आदर और सम्मान करते है कि सभी का अपना राइट्स है।
बाकी तो हमारे विजय राज जी और विराज राणा सर है ही सीनियर एक्टर है काफी अच्छा प्रदर्शन रहा। हम बच्चो और बचिए से इतनी उम्मीद कर सकते है और दिशा निर्देश दे सकते है की वह अपने विपरीत मनुष्य से आकर्षण बनाए और समलैंगिक से दूर रहे खास करके स्त्री बच्चे क्योंकि ऐसे ही लडको को मिल नही रही है वैसे में ऐसे होने लगे तो सक्सेस रेट गिर जाती है।
Murder in Mahim webseries
आपको देख कर कुछ जिक्र करने का दिल चाहता है Shivani Raghuvanshi - क्या अदा क्या नखरे तेरे पारो, दिल के टुकड़े हो गए हजारों Ashutosh Rana - भाई का जलवा ही अलग है विजय राज - बवाल
हाल ही में, भारतीय नौसेना के जहाज़ तबर ने भूमध्य सागर में स्पेनिश नौसेना के जहाज़ अटालया के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास (MPX) आयोजित किया MPX - Maritime Partnership Exercise #2024trends#currentaffairs
मोदी सरकार अब नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के भरोसे चलेगी। ऐसे में अब ये दोनों नेता पीएम मोदी से भी अधिक पावरफुल नजर आएंगे। नीतीश कुमार की 3 पुरानी मांग भी पीएम मोदी को माननी पड़ेगी, नहीं तो दिल्ली का सिंहासन कभी भी हिल सकता है।
क्या है नीतीश कुमार की 3 मांग नीतीश कुमार की मांग
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाना और स्पेशल पैकेज दिलवाना ताकि बिहार के विकास को और गति मिल सके।
फीस समय की या अनुभव की? . एक विशाल जहाज का इंजन खराब हो गया। लाख कोशिशों के बावजूद कोई इंजीनियर उसे ठीक नहीं कर सका। फिर किसी ने एक मैकेनिकल इंजीनियर का नाम सुझाया जिसे इस तरह के काम का 30 से अधिक वर्षों का अनुभव था। उसे बुलाया गया। इंजीनियर ने वहां पहुंचकर इंजन का ऊपर से नीचे तक बहुत ध्यान से निरीक्षण किया। सब कुछ देखने के बाद इंजीनियर ने अपना बैग उतारा और उसमें से एक छोटा सा हथौड़ा निकाला। फिर उसने इंजन पर एक जगह हथोड़े से धीरे से खटखटाया। और कहा कि अब इंजन चालू करके देखें। और सब हैरान रह गए जब इंजन फिर से चालू हो गया। इंजन ठीक करके इंजीनियर चला गया। जहाज के मालिक ने जब इंजीनियर से जहाज की मरम्मत करने की फीस पूछी, तो इंजीनियर ने कहा- 20,000 डॉलर। "क्या?!" मालिक चौंका। "आपने लगभग कुछ नहीं किया। मेरे आदमियों ने मुझे बताया था कि तुमने एक हथोड़े से इंजन पर सिर्फ थोड़ा सा खटखटाया था। इतने छोटे काम के लिए इतनी फीस? आप हमें एक विस्तृत बिल बनाकर दें।" इंजीनियर ने बिल बनाकर दे दिया। उसमें लिखा था: हथौड़े से खटखटाया: $2 कहां और कितना खटखटाना है: $19,998 फिर इंजीनियर ने जहाज के मालिक से कहा - अगर मैं किसी काम को 30 मिनट में कर देता हूं तो इसलिए कि मैंने 30 साल यह सीखने में लगा दिए कि उसे 30 मिनट में कैसे किया जाता है। मैंने आपको 30 मिनट नहीं दिए, इतने समय में मेरे 30 वर्षों का अनुभव दिया है। फीस कितना समय लगा उसकी नहीं मेरे अनुभव की है। जहाज का मालिक बहुत शर्मिंदा हुआ और उसने ख़ुशी ख़ुशी इंजीनियर को उसकी फीस दे दी। . तो किसी की विशेषज्ञता और अनुभव की सराहना करें... क्योंकि ये उनके वर्षों के संघर्ष, प्रयोग, मेहनत और आंसुओं का परिणाम हैं।
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Rani Singh
Bachelor in Psychology
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बात उस समय की है जब मैं जिला जामताड़ा मे इंटरमिडियट मे था | मै जब डेली शाम को अपने कोचिंग को जाता तो रोज आते-जाते मुझे एक बूढ़ी भिखारन महिला मिलती जो रेलवे स्टेशन पर भीख माँगती, जिसे मैं डेली देखता था | हालांकि महिला बुजुर्ग थीं और कपड़े फटे पुराने होते थे मगर देखने मे ऐसा लगता था जैसे जब ये जवान रही होंगी तो बेहद खूबसूरत रही होंगी |
मै जब प्रति दिन रेलवे फाटक पार करके कोचिंग से लौटता तो रोज देखता कि शाम को दो व्यक्ति आकर उस महिला से पैसे ले लेते थे | वह बूढ़ी महिला उन दोनों व्यक्तियों को देखते ही डरने लगती थी |
मैंने सोचा- 'हो सकता है इनका भीख मांगना ही इनका पेशा हो और ये दोनों जो इससे पैसा ले लेते है इनके कोई रिस्तेदार हों |
और हाँ, मुझे कभी-कभी उस भिखारन महिला को देखकर ऐसा महसूस भी होता था कि शायद वह महिला मुझसे कुछ कहना चाह रही हो |
एक दिन मुझसे नही रहा गया | मेरे मन में उस महिला की दुर्दशा देखकर दया उठी और उसके तथा उन दो व्यक्तियों, जो रोज उससे पैसा लेकर चले जाते थे, उन सब के बारे में विस्तार से जानने की जिज्ञासा हुई और एक दिन मै चुपके से उस भिखारन महिला के पीछे-पीछे चल पड़ा, लेकिन यह क्या----------?
मैं चौक गया ! महिला एक रेड लाइट एरिया वाले इलाके में प्रवेश करने लगी और वहां एक कोठे पर चढ़ गई | मेरे मन मे आया और मै सोचने लगा की क्या ये महिला वेश्या है....? और अगर नही तो वो आखिर वह यहाँ क्यों आयी हैं....? मुझे अब उस महिला से घृणा होने लगी, लेकिन मैं यहाँ ठहरने वाला कहां था |
दूसरे दिन मैं एक फर्जी कस्टमर बनकर उस बुजुर्ग महिला जिस कमरे मे गयीं थीं उसके पास पहुँचने में सफल हो गया और मैंने जो दृश्य वहां का देखा, उससे मुझे खुद से नफरत होने लगी...मैं क्यों आया ऐसी गन्दी जगह पर....!!
मुझे क्या पड़ी थी... इन सब मे - बदबूदार कमरे, कहीं ढोल की थाप और घुंघरुओं की मधुर ताल पर अश्लील नर्तन करती वेश्याएं, मुंह में पान की गिलौरी दबाए और मसनद पर लेटे ललचाई नजरों से उन वेश्याओं के अंग अंग को निहारते ग्राहक |
पर मैंने देखा वहां वह बूढ़ी महिला नहीं थी | मैंने दूसरी तरफ नजर घुमाई, तो उस महिला को एक काल कोठरी में बन्द पाया | उसकी तरह वहाँ और भी कई महिलायें थी | लगभग 50 से ज्यादा महिलाये होंगी..... घुप्प अंधेरा, नीचे दरी पर बैठी घुटनों को उठाए और उस पर सिर झुकाए कुछ महिलायें बैठी थीं |
मैंने वहां से लौट जाना ही उचित समझा-
यहां की स्थिति में सुधार मेरे वश की बात नहीं थीं, लेकिन आज मुझे उस बूढ़ी महिला की सच्चाई का पता चल गया था | अगले दिन मैंने छुट्टी ले ली और आज मै फिर स्टेशन गया | स्टेशन पर वह बूढ़ी महिला पहले दिन की तरह ही भीख मांगने के लिए बैठी थी और जमीन पर अपने एल्युमिनियम का कटोरा पिट-पिटकर लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रही थी |
मैं पहले तो उसके करीब जाकर बैठा और उसे प्यार से "माँ" के संबोधन से पुकारा | माँ शब्दों को सुनकर वह अचंभित हो गई और बेचारी फूट-फूट कर रोने लगी |
मैने उसका परिचय पूछा, माँ आप कौन हो ? कहां से आयी हो ? बच्चे और पति कहां हैं...? वह रोती रही और रो-रोकर उसने जो दास्तान सुनाई, मेरे रोंगटे खड़े हो गए और इस समाज से मुझे घृणा होने लगी |
उस बूढ़ी भिखारन ने कहा कि - बेटा हम प्यार मोहब्बत के झांसे मे पड़कर अपने माँ बाप के विरुद्ध जाकर दूसरे से शादी कर के घर से भाग गये थे....जब तक मन नही भरा तब तक इस्तेमाल करता रहा.. और जिस दिन मन भर गया न बाबू , तब हमें धोखे से कोठे पर लाकर बेच दिया....!!
यहां प्रायः जितने भी लड़कियों को तुम देख रहे हो न सब अपने प्यार मोहब्बत के नाम पर विश्वास करके घर से माँ बाप के विरुद्ध जाकर भागी लड़किया हैं...... और बाद मे जब हमें बेच दिया गया तो फिर हमें मजबूर किया जाता है वेश्या बनने के लिए |
ना चाहते हुए भी ग्राहकों को खुश करना पड़ता है | सब नोचते हैं हमें भेड़िए की तरह मानो कितने दिनों से उनकी प्यास बुझी ना हो | जब तक जवानी रहती है बेटा, तब तक हम कोठे की शान रहते हैं और जब शरीर के अंग साथ देना छोड़ने लगते हैं और ग्राहक मिलने बन्द हो जाते हैं, तब मालिक हमें पागल घोषित कर देता है और सड़कों पर, रेलवे स्टेशन पर भीख माँगने के लिए बैठा देते है और डेली उनके भेजे दलाल हमसे पैसे वसूली करते हैं | पैसे नही देने पर या विरोध करने पर मार पीट भी करते हैं | अब बूढ़ी हो चुके हम महिलाओ के पास उतनी शक्ति तो नही होती की हम उनका विरोध कर पायें.... हम बस जिंदा लाश बन उसके इशारे पर सारा काम करते रहते हैं | जब हम भीख माँगने के लायक भी नहीं बचते, तो हमें ये लावारिश सड़क पर ले जाकर फेंक जाते हैं |
यही है हम वेश्याओ की कहानी- हम भी सोचते हैं की कास हमने अपने माता-पिता के विरुद्ध ना जाकर गलत कदम ना उठाये होते तो हमारा भी एक हँसता खेलता घर-परिवार होता |
हर मोड़ पर हमारी आंखें तलाशती हैं कि कहीं किसी मोड़ पर कोई अपना मिल जाए, जो इस जिल्लत भरी जिंदगी से छुटकारा दिलाए |