दक्षिण अफ्रीका ने हाल ही में अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ मापुंगुब्वे से दो प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने विज्ञान, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। इस बार यह सम्मान भारतीय मूल के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सलीम अब्दूल करीम और कीर्टन ढेड़ा को प्रदान किया गया।
सलीम अब्दूल करीम को सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान में उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने HIV/AIDS और टीबी (क्षय रोग) जैसी गंभीर बीमारियों पर लंबे समय तक शोध किया है। महामारी के दौरान भी उनके सुझाव और शोध पूरी दुनिया के लिए बेहद उपयोगी साबित हुए। वहीं कीर्टन ढेड़ा को फेफड़ों की बीमारियों और टीबी पर उनके उत्कृष्ट शोध के लिए सम्मान मिला। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और उपचार पद्धतियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा मिली है।
यह सम्मान केवल दो वैज्ञानिकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय मूल के लोगों की वैश्विक पहचान का भी प्रतीक है। यह साबित करता है कि भारतीय प्रतिभाएं दुनिया के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
आज विज्ञान और शोध के क्षेत्र में भारतीय मूल के विशेषज्ञ लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। ऐसे सम्मान युवाओं को प्रेरित करते हैं कि मेहनत, ज्ञान और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।