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केरल तट के निकट लाइबेरियन जहाज डूबा, जहाज पर खतरनाक सामग्री और प्लास्टिक नर्डल्स से पर्यावरण संकट/Liberian ship sinks near Kerala coast, environmental crisis due to hazardous material and plastic nurdles on board

A Liberian ship has sunk near the Kerala coast, raising serious environmental concerns due to the hazardous materials and large quantities of plastic nurdles onboard. The incident threatens marine life and coastal ecosystems.

केरल तट के निकट लाइबेरियन जहाज डूबा, जहाज पर खतरनाक सामग्री और प्लास्टिक नर्डल्स से पर्यावरण संकट/Liberian ship sinks near Kerala coast, environmental crisis due to hazardous material and plastic nurdles on board

25 मई 2025 को, केरल के कोच्चि तट के समीप लाइबेरियन ध्वज वाला कंटेनर जहाज MSC ELSA 3 डूब गया। जहाज पर लगभग 640 कंटेनर लदे थे, जिनमें से 13 कंटेनरों में खतरनाक रसायन जैसे कैल्शियम कार्बाइड थे। साथ ही जहाज में लगभग 365 टन तेल भी था, जिससे तेल फैलने का खतरा बना। जहाज के डूबने का कारण उसके बैलास्ट टैंक में तकनीकी खराबी बताई गई है।

केरल के कोच्चि तट के पास एक लाइबेरियन फ्लैग्ड कंटेनर जहाज MSC ELSA 3 डूब गया है। इस जहाज पर 640 कंटेनर लदे हुए थे, जिनमें से कुछ में खतरनाक रसायन और प्लास्टिक के छोटे-छोटे नर्डल्स (प्लास्टिक के कण) थे। जहाज के डूबने से ये नर्डल्स और रसायन समुद्र में फैल गए, जिससे समुद्री जीवन और पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

नर्डल्स, जो प्लास्टिक के उत्पाद बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं, बहुत छोटे और हल्के होते हैं, इसलिए ये आसानी से समुद्र में फैल जाते हैं और तटों पर भी धोए जा सकते हैं। ये छोटे प्लास्टिक के कण समुद्री जीवों द्वारा भोजन समझकर खाए जा सकते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा होता है।

केरल सरकार ने इस दुर्घटना के बाद तेजी से एक वैज्ञानिक सफाई अभियान शुरू किया है। समुद्री पानी और तट के मिट्टी के नमूनों की जाँच कर रसायनों और प्रदूषकों की उपस्थिति का आकलन किया जा रहा है। साथ ही, डूबे हुए कंटेनरों को खोज निकालने और तट पर जमा हुए नर्डल्स की सफाई के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जहाज के मलबे और जहरीली सामग्री के करीब न जाएं। विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि फिलहाल समुद्री भोजन सुरक्षित है, लेकिन पर्यावरणीय निगरानी और सफाई जारी रहेगी ताकि किसी भी दीर्घकालिक नुकसान से बचा जा सके।

यह घटना समुद्री सुरक्षा और तटीय पर्यावरण की सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है, विशेषकर ऐसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में जहाँ समुद्री जैव विविधता समृद्ध है।

UPSC में इस विषय पर पूछे जा सकने वाले संभावित प्रश्न:

1. घटना आधारित प्रश्न

"हाल ही में केरल तट के निकट डूबे लाइबेरियन जहाज से हुए पर्यावरणीय प्रभावों पर चर्चा करें।"
"नर्डल्स के कारण होने वाले पर्यावरणीय खतरे क्या हैं? इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?"

2. नीति और प्रबंधन से संबंधित प्रश्न

"भारत के तटीय क्षेत्रों में जहाज दुर्घटना के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया और पर्यावरण संरक्षण के उपायों की समीक्षा करें।"
"समुद्री प्रदूषण रोकने के लिए भारत में वर्तमान में लागू नियमों और उनके सुधार की आवश्यकता पर चर्चा करें।"

3. पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास

"समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए कदमों का वर्णन करें।"
"प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या और उससे निपटने के लिए भारत में चलाए जा रहे अभियान।"

4. तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

"बैलास्ट टैंक की तकनीकी विफलता से जहाजों की सुरक्षा पर प्रभाव और इससे बचाव के उपाय।"
"समुद्री प्रदूषण का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों की भूमिका।"

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