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भारत की पहली खुली समुद्री मछली पालन परियोजना जनवरी 2026 में अंडमान सागर में शुरू

India's groundbreaking first offshore fish farming project is slated to begin in the Andaman Sea by January 2026, marking a new chapter in sustainable marine aquaculture and national fisheries development.

akashkumar19709

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भारत की पहली खुली समुद्री मछली पालन परियोजना जनवरी 2026 में अंडमान सागर में शुरू

भारत ने जनवरी 2026 में अंडमान सागर में देश की पहली Open-Sea Marine Fish Farming Project शुरू की। यह पायलट परियोजना समुद्री मछली और समुद्री शैवाल की प्राकृतिक समुद्री परिस्थितियों में खेती पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य समुद्री संसाधनों का टिकाऊ उपयोग करते हुए Blue Economy को बढ़ावा देना और तटीय एवं द्वीपीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।

भारत की पहली Open-Sea मछली पालन परियोजना कहाँ शुरू हुई?

भारत की पहली खुली समुद्री मछली पालन परियोजना 18 जनवरी 2026 को नॉर्थ बे (North Bay), श्री विजय पुरम, अंडमान सागर में शुरू की गई। इस पायलट परियोजना का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।

एक नजर में: परियोजना में खुले समुद्र में Marine Finfish और Seaweed की खेती की जाएगी तथा मछली पालन के लिए NIOT द्वारा विकसित Open-Sea Cages का उपयोग किया जा रहा है।

भारत की पहली Open-Sea Fish Farming Project: महत्वपूर्ण तथ्य

तथ्य जानकारी
परियोजना India's First Open-Sea Marine Fish Farming Project
शुरुआत 18 जनवरी 2026
स्थान नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम, अंडमान सागर
केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
शुभारंभ डॉ. जितेंद्र सिंह
प्रमुख मंत्रालय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES)
तकनीकी संस्था National Institute of Ocean Technology (NIOT)
प्रमुख गतिविधियां Marine Finfish और Seaweed Farming
मॉडल Pilot Project

Open-Sea Fish Farming क्या है?

Open-Sea Fish Farming या खुले समुद्र में मछली पालन ऐसी समुद्री जलीय कृषि प्रणाली है जिसमें मछलियों का पालन तट से दूर समुद्री परिस्थितियों में विशेष पिंजरों या cages के माध्यम से किया जाता है। इसमें समुद्र के प्राकृतिक जल, तापमान और अन्य समुद्री परिस्थितियों का उपयोग किया जाता है।

अंडमान सागर में शुरू की गई परियोजना में समुद्री परिस्थितियों के अनुरूप विकसित open-sea cages का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन cages को प्राकृतिक समुद्री परिस्थितियों में काम करने के लिए विकसित किया गया है।

परियोजना कहाँ शुरू की गई?

🌊 समुद्र

अंडमान सागर

📍 स्थान

नॉर्थ बे, श्री विजय पुरम

🏝️ क्षेत्र

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

परियोजना का शुभारंभ नॉर्थ बे में खुले समुद्री क्षेत्र में किया गया। यह स्थान श्री विजय पुरम के निकट अंडमान सागर में स्थित है।

परियोजना को कौन लागू कर रहा है?

इस पायलट परियोजना को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES), इसकी तकनीकी शाखा National Institute of Ocean Technology (NIOT) और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह प्रशासन के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

MoES

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय

NIOT

National Institute of Ocean Technology

UT Administration

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह प्रशासन

परियोजना में किन मछलियों का पालन किया जा रहा है?

परियोजना के तहत समुद्री finfish का cage-based farming किया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती चरण में Seabass और Cobia जैसी उच्च मूल्य वाली समुद्री मछलियों का पालन किया जा रहा है।

Seabass

समुद्री परिस्थितियों में पालन की जाने वाली उच्च मूल्य वाली मछली।

Cobia

समुद्री मछली पालन के लिए महत्वपूर्ण उच्च मूल्य वाली प्रजाति।

समुद्री शैवाल की खेती भी होगी

परियोजना केवल मछली पालन तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत deep-water seaweed cultivation को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। शुरुआत के दौरान स्थानीय मछुआरा समुदायों को समुद्री शैवाल के बीज उपलब्ध कराए गए ताकि वे खुले समुद्र में समुद्री शैवाल की खेती कर सकें।

Seaweed Farming का महत्व

  • • समुद्री संसाधनों के टिकाऊ उपयोग को बढ़ावा देता है।
  • • स्थानीय मछुआरा समुदायों के लिए अतिरिक्त आजीविका का अवसर प्रदान कर सकता है।
  • • मछली पालन के साथ एकीकृत समुद्री कृषि मॉडल विकसित करने में मदद कर सकता है।

NIOT की तकनीक और Open-Sea Cages

इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता NIOT द्वारा विकसित open-sea cages हैं। ये cages प्राकृतिक समुद्री परिस्थितियों में काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं और समुद्री वातावरण के बदलावों का सामना करने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं।

इस प्रकार की स्वदेशी तकनीक का विकास भारत में offshore aquaculture को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए तकनीकी अनुभव तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Blue Economy के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत की Blue Economy समुद्री संसाधनों के आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक रूप से टिकाऊ उपयोग पर आधारित है। Open-Sea Fish Farming परियोजना समुद्र आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और समुद्री संसाधनों से स्थानीय आजीविका के अवसर विकसित करने की दिशा में एक पायलट प्रयास है।

रोजगार

तटीय और द्वीपीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने में सहायता मिल सकती है।

समुद्री खाद्य उत्पादन

समुद्री मछली उत्पादन के नए और तकनीक आधारित मॉडल को बढ़ावा मिल सकता है।

स्थानीय समुदाय

स्थानीय मछुआरों को समुद्री कृषि से जोड़ने का अवसर मिलता है।

तकनीकी विकास

भारत में offshore aquaculture तकनीक के विकास और परीक्षण को बढ़ावा मिलता है।

स्थानीय मछुआरों के लिए परियोजना का महत्व

इस पहल में स्थानीय मछुआरा समुदायों को भी शामिल किया गया है। परियोजना के शुभारंभ के दौरान स्थानीय मछुआरों को seaweed seeds दिए गए और finfish के लिए cage-based farming की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य विज्ञान और तकनीक को स्थानीय आजीविका के साथ जोड़ना है।

भविष्य में परियोजना से प्राप्त अनुभव और feasibility assessment के आधार पर इस प्रकार की गतिविधियों को Public-Private Partnership (PPP) मॉडल के माध्यम से बड़े स्तर पर बढ़ाने की संभावना बताई गई है।

परियोजना का महत्व

01

भारत में खुले समुद्र में समुद्री मछली पालन का पहला प्रमुख पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ।

02

समुद्री संसाधनों के विज्ञान आधारित और टिकाऊ उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

03

Blue Economy के विकास में योगदान देने की क्षमता रखता है।

04

तटीय और द्वीपीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

05

स्वदेशी open-sea cage technology के परीक्षण और विकास को बढ़ावा मिलता है।

UPSC और BPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

यह Current Affairs विषय Blue Economy, Ocean Resources, Marine Technology, Fisheries, Sustainable Development और Science & Technology से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।

Prelims के लिए

  • • परियोजना का स्थान
  • • लॉन्च की तारीख
  • • संबंधित मंत्रालय
  • • NIOT की भूमिका
  • • Marine Finfish और Seaweed Farming
  • • Blue Economy

Mains के लिए

  • • भारत की Blue Economy
  • • Sustainable Fisheries
  • • समुद्री संसाधनों का उपयोग
  • • तटीय समुदायों की आजीविका
  • • Offshore Aquaculture की संभावनाएं

Prelims के लिए Important Points

  • भारत की पहली Open-Sea Marine Fish Farming Project जनवरी 2026 में शुरू की गई।
  • परियोजना का शुभारंभ 18 जनवरी 2026 को हुआ।
  • यह परियोजना अंडमान सागर में शुरू की गई।
  • परियोजना का स्थान North Bay, Sri Vijaya Puram है।
  • इसे Ministry of Earth Sciences, NIOT और Andaman & Nicobar Administration के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
  • परियोजना में Marine Finfish और Seaweed की खेती शामिल है।
  • मछली पालन के लिए NIOT-developed Open-Sea Cages का उपयोग किया जा रहा है।
  • परियोजना का व्यापक उद्देश्य Blue Economy को बढ़ावा देना है।

परीक्षा के लिए संभावित MCQ

प्रश्न: भारत की पहली Open-Sea Marine Fish Farming Project जनवरी 2026 में कहाँ शुरू की गई?

  1. (A) लक्षद्वीप
  2. (B) गुजरात तट
  3. (C) केरल तट
  4. (D) अंडमान सागर

सही उत्तर: (D) अंडमान सागर

प्रश्न: भारत की पहली Open-Sea Marine Fish Farming Project को मुख्य रूप से किन संस्थाओं के सहयोग से लागू किया जा रहा है?

  1. (A) MoES, NIOT और अंडमान एवं निकोबार प्रशासन
  2. (B) MoEFCC और ISRO
  3. (C) कृषि मंत्रालय और ICAR
  4. (D) मत्स्य पालन विभाग और DRDO

सही उत्तर: (A) MoES, NIOT और अंडमान एवं निकोबार प्रशासन

Mains Practice Question

“भारत की Blue Economy को मजबूत करने में Open-Sea Aquaculture महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।” अंडमान सागर में शुरू की गई भारत की पहली Open-Sea Marine Fish Farming Project के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष

जनवरी 2026 में अंडमान सागर में शुरू की गई भारत की पहली Open-Sea Marine Fish Farming Project देश की समुद्री अर्थव्यवस्था और Blue Economy की दिशा में एक महत्वपूर्ण पायलट पहल है। परियोजना में समुद्री मछली और समुद्री शैवाल की खेती को प्राकृतिक समुद्री परिस्थितियों में बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस पहल में MoES, NIOT और अंडमान एवं निकोबार प्रशासन की भागीदारी है तथा स्थानीय मछुआरा समुदायों को भी इससे जोड़ने का प्रयास किया गया है। भविष्य में इसकी तकनीकी व्यवहार्यता और अनुभव के आधार पर ऐसे मॉडलों को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है।

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