19 अगस्त 2025 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में यह बात कही थी कि लोकसभा की कार्यवाही अब संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में अनुवाद/व्याख्या उपलब्ध होगी, जिससे सांसद अपनी मातृभाषा में बोल सकते हैं और संसद की बहस को समझना आसान होगा। इसके लिए तीन भाषाओं — कश्मीरी, कोंकणी और संथाली को पूर्व की तुलना में अब शामिल कर पूरी सूची का लाभ उपलब्ध कराया गया
👉 कश्मीरी, कोंकणी और संथाली पहले से ही संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल थीं।
19 अगस्त 2025 को ओम बिरला ने यह नहीं कहा था कि ये भाषाएँ नई जोड़ी गई हैं।
✔️ उन्होंने यह कहा था कि अब लोकसभा की कार्यवाही आठवीं अनुसूची की सभी 22 भाषाओं में अनुवाद सुविधा के साथ उपलब्ध होगी, और इसी क्रम में इन 3 भाषाओं में भी अनुवाद की सुविधा शुरू की गई।
- ❌ आठवीं अनुसूची में नई भाषा नहीं जोड़ी गई
- ✅ लोकसभा की अनुवाद/व्याख्या सुविधा में ये भाषाएँ शामिल की गईं