📊 NFHS-5 के मुख्य निष्कर्ष
1. जनसंख्या और परिवार नियोजन
- कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 2.0 पर आ गई (NFHS-4 में 2.2 थी) → भारत ने replacement level fertility (2.1) प्राप्त कर लिया।
- गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग बढ़कर 67% हो गया (NFHS-4: 54%)।
- विवाह की औसत आयु बढ़ी है (महिलाओं के लिए पहली शादी की आयु लगभग 19 वर्ष)।
2. महिला और पुरुष स्वास्थ्य
- महिलाओं में एनीमिया: 57% (NFHS-4 में 53%) → वृद्धि।
- पुरुषों में एनीमिया: 25% (NFHS-4 में 23%) → वृद्धि।
- BMI (मोटापा/अधिक वजन): महिलाओं (24%) और पुरुषों (23%) में अधिक वजन/मोटापे की समस्या बढ़ी।
- 3. बच्चों का स्वास्थ्य और पोषण
- शिशु मृत्यु दर (IMR): प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 35 (NFHS-4: 41)।
- बाल मृत्यु दर (U5MR): 41 से घटकर 32।
- स्टंटिंग (ऊँचाई की कमी): 36% (NFHS-4: 38%) → मामूली कमी।
- वेस्टिंग (कम वजन/दुबलेपन): 19% (NFHS-4: 21%) → कमी।
- कम वजन वाले बच्चे: 32% (NFHS-4: 36%)।
4. मातृ स्वास्थ्य
- संस्थागत प्रसव बढ़कर 89% (NFHS-4: 79%)।
- कम से कम 4 ANC (Antenatal Care) लेने वाली महिलाओं की संख्या 58%।
- C-section डिलीवरी में काफी वृद्धि (प्राइवेट अस्पतालों में 47%, सरकारी अस्पतालों में 14%)।
5. जल, स्वच्छता और पोषण
- सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने वाले घर: 96%।
- बेहतर शौचालय सुविधा वाले घर: 70% (NFHS-4: 49%)।
- बिजली से युक्त घर: लगभग 97%।
- महिलाओं का बैंक खाता होना: 78.6%।
6. महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता
- मोबाइल फोन रखने वाली महिलाओं का अनुपात: 54%।
- अपनी कमाई पर निर्णय लेने वाली महिलाएँ: 45%।
- घरेलू हिंसा का अनुभव करने वाली विवाहित महिलाएँ: 29% (NFHS-4: 31%) → थोड़ी कमी।
📌 NFHS-5 की महत्वता
स्वास्थ्य व पोषण योजनाओं (जैसे POSHAN Abhiyaan, Ayushman Bharat, Mission Indradhanush, Jal Jeevan Mission, Beti Bachao Beti Padhao आदि) के लिए डाटा उपलब्ध कराना।