हूती विद्रोह में भारत की नीति (150 शब्दों में – UPSC शैली में उत्तर)
हूती विद्रोह यमन में 2004 से चल रहा एक सशस्त्र संघर्ष है, जिसमें ईरान समर्थित हूती विद्रोही और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकार आमने-सामने हैं। यह संघर्ष पश्चिम एशिया की क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन को प्रभावित कर रहा है। भारत के लिए यह स्थिति रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से भारत की ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक मार्ग और प्रवासी भारतीयों के हित जुड़े हैं।
भारत को इस विद्रोह में संतुलित एवं कूटनीतिक नीति अपनानी चाहिए। उसे किसी पक्ष का खुला समर्थन न करते हुए संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से शांति प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। साथ ही, भारत को मानवीय सहायता, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
इस प्रकार, भारत की नीति का मूल उद्देश्य क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा होना चाहिए, न कि किसी धार्मिक या राजनीतिक पक्षपात पर आधारित रुख अपनाना।