मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में हाल ही में अफ़्रीका के बोत्सवाना (Botswana) से 9 चीते लाए गए हैं। यह भारत में प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में विलुप्त हो चुकी चीता प्रजाति को पुनः स्थापित करना है।
भारत में चीते लगभग 70 साल पहले विलुप्त हो गए थे, और अब कूनो नेशनल पार्क में उन्हें फिर से बसाने का प्रयास किया जा रहा है। इन 9 चीते में पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं, ताकि प्राकृतिक प्रजनन सुनिश्चित किया जा सके। अफ्रीका से लाए गए ये चीते विशेष निगरानी और स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित रूप से कूनो में छोड़े गए।
कूनो नेशनल पार्क, जो मध्यप्रदेश के सहारनपुर और इंदौर जिलों के पास स्थित है, चीते के लिए उपयुक्त निवास स्थान माना जाता है। यहां की खुली घास के मैदान और वनस्पति पर्यावरण चीते के शिकार और जीवन शैली के लिए आदर्श हैं। परियोजना के तहत इन चीते की GPS ट्रैकिंग और जैविक निगरानी भी की जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा और व्यवहार का अध्ययन किया जा सके।
इस पहल का उद्देश्य न केवल वन्यजीव संरक्षण है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत को विश्व के उन देशों की सूची में शामिल करेगा, जहां चीते की प्राकृतिक आबादी संरक्षित है।
कूनो में चीते की वापसी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भारत की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह दिखाता है कि वैज्ञानिक और सरकारी प्रयासों से विलुप्त प्रजातियों को फिर से प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखा जा सकता है।