1939 का साल था। यूरोप के कई देशों में राजनीतिक तनाव और आर्थिक समस्याएं अपने चरम पर थीं। पहली विश्व युद्ध के बाद बने समझौतों और आर्थिक संकट ने यूरोप में असंतोष पैदा किया। जर्मनी में हिटलर ने सत्ता संभाली और उसने अपने देश के लिए नई सीमाओं और शक्ति की लालसा जताई। इसी लालसा ने द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत का रास्ता खोला।
1 सितंबर 1939 को हिटलर की जर्मनी ने पोलैंड पर हमला किया। इसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। इस घटना ने पूरे विश्व को एक बड़े युद्ध की ओर धकेल दिया।
युद्ध का फैलाव
जल्द ही युद्ध केवल यूरोप तक सीमित नहीं रहा।
- जापान ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र में विस्तार के लिए कई देशों पर हमला किया।
- 7 दिसंबर 1941 को जापान ने पर्ल हार्बर पर हमला किया, जिससे अमेरिका युद्ध में शामिल हो गया।
- धीरे-धीरे यह युद्ध पूरे विश्व में फैल गया और अक्ष शक्तियों (जर्मनी, इटली, जापान) और मित्र राष्ट्रों (ब्रिटेन, अमेरिका, सोवियत संघ) के बीच लड़ाई बन गई।
महान घटनाएँ
युद्ध में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं जो इतिहास में अमिट छाप छोड़ गईं:
- स्टालिनग्राद की लड़ाई (1942-43): सोवियत संघ ने जर्मनी को हराकर मोड़ दिया।
- नॉरमंडी लैंडिंग (D-Day, 1944): मित्र देशों ने फ्रांस में उतर कर जर्मनी पर दबाव बनाया।
- हिरोशिमा और नागासाकी (1945): अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराए, जिससे जापान ने आत्मसमर्पण किया।
युद्ध का अंत और परिणाम
8 मई 1945 को यूरोप में जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया, जिसे V-E Day (Victory in Europe) कहा गया।
2 सितंबर 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण किया, और युद्ध का अंत हुआ।
द्वितीय विश्व युद्ध ने लगभग 70-85 मिलियन लोगों की जान ली। लाखों लोग बेघर हुए, शहर और उद्योग नष्ट हुए। युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की स्थापना हुई ताकि भविष्य में विश्व में शांति कायम रखी जा सके।